अब सच्चाई आएगी सामने : NIA को सौंपी गई मनसुख मर्डर केस की जांच, ATS करेगी केस हैंडओवर
मनसुख हिरेन हत्या मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। एनआईए ने ठाणे सेशन कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें कहा था कि इस मामले की जांच उन्हें सौंपी जाए। इस याचिका की सुनवाई आज की गई और अदालत ने महाराष्ट्र एटीएस को मनसुख हिरेन हत्या मामले में जांच रोकने और इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपने के लिए कहा है। वहीं मामले की जांच हाथ में आते ही एनआईए ने सचिन वाझे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसपर यूएपीए अधिनियम लगा दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से भी आदेश दिए गए थे कि महाराष्ट्र एटीएस मनसुख हिरेन हत्या मामले को एनआईए को सौंप दे। लेकिन इसके बाद भी महाराष्ट्र एटीएस ने ये मामला एनआईए को नहीं सौंप था। जिसके चलते एनआईए ने ठाणे सेशन कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसपर आज सुनवाई की गई।
Maharashtra: Thane sessions court has asked ATS to stop investigation of Mansukh Hiren death case & hand over the case to NIA.
NIA has approached the court after ATS was not handing over the case to NIA despite MHA’s orders in this regard..
— ANI (@ANI) March 24, 2021
गौरतलब है कि मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर एक स्कॉर्पियो कार मिली थी। जिसमें जिलेटिन की 20 छड़ी रखी गई थीं। इस कार के मालिक व्यापारी मनसुख हिरेन थे। मनसुख हिरेन से पुलिस ने पूछताछ की थी। जिसमें उन्होंने पुलिस को बताया था कि कुछ दिन पहले ही उनकी कार चोरी कर ली गई थी। वहीं ये बयान देने के कुछ दिनों बाद मनसुख हिरेन का शव मिला था। मनसुख हिरेन सचिन वाझे का दोस्त था। वहीं एंटीलिया के बाहर से मिली स्कॉर्पियो कार मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई थी। जबकि मनसुख हिरेन मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस कर रही थी। ये दोनों मामले आपस में जुड़े हुए हैंं, ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मनसुख हिरेन केस एनआईए को सौंपने के आदेश दिए थे। जिसका पालन नहीं किया गया। जिसके चलते कोर्ट में याचिका दायर की गई और कोर्ट ने एनआईए को ये मामला सौंपने को कहा है। इस मामले में सचिन वाझे मुख्य आरोपी है। जो कि एनआईए की हिरासत में है।