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भारत बंद पर मायावती ने दिया होश उड़ाने वाला बयान, छूटे भारतीय सरकार के पसीने!

भारत बंद पर मायावती ने दिया बयान: जैसा कि हम सभी जानते ही हैं कि इन दिनों भारत में SC/ST को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भारी विरोध किया जा रहा है. इसी विरोध के चलते 2 अप्रैल को पूरा भारत बंद किया गया. भारत बंद के आन्दोलन के चलते इसका सबसे ज्यादा असर पंजाब में देखने को मिला. खबरों के अनुसार पंजाब में हिंसा को रोके रखने के लिए यहाँ इंटरनेट और मेसेज सेवाएं दो दिन तक बंद रखी गई. इसी बीच अब मायावती का होश उड़ाने वाला बयान मीडिया में चर्चा बटोर रहा है. दरअसल, मायावती ने अपने बयान में ये बात साफ़ कही है कि वह SC/ST के इस आंदोलन का समर्थन करती हैं. बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने SC/ST एक्ट में बदलाव के खिलाफ पूरे देश में हो रहे आंदोलन का समर्थन किया है.

छोटी जातियों को गुलाम बनाने का लगाया आरोप

इतना ही नहीं बल्कि मायावती ने अपने कठोर बयान के चलते केंद्र और मोदी सरकार पर अनुसूचित और जनजाति को गुलाम बनाने का आरोप लगाया है. इसी बीच बीते सोमवार को मायावती नोएडा के सेक्टर 19 स्थित इंडो गल्फ अस्पताल में भर्ती बाई आनंद से मिलने पहुंची. वहां उन्होंने मीडिया के साथ बातचीत करते हुए बताया कि, “हम सदन में नहीं तो क्या हुआ? हम अपनी ताकत के बलबूते पर सदन के बाहर होने के बावजूद भी केंद्र सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर सकते हैं”.

इसके इलावा उन्होंने दलित संगठनों द्वारा चल रहे SC/ST एक्ट में बदलाव को लेकर चल रहे आंदोलन और भारत बंद को समर्थन किया. मायावती ने इन आंदोलनों के बीच चल रही हिंसा घटनाओं की आलोचना की और हिंसा को बढ़ाने वाले लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की.

याचिका पर पुनर्विचार था बेहद जरूरी

मायावती ने मीडिया के साथ बातचीत के दौरान बताया कि, ” मैं SC/ST आंदोलन का कड़ा समर्थन करती हूं. हालांकि मुझे खबर मिली है कि कई लोग इस आंदोलन में हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं इसलिए  मैं इन हिंसा गतिविधियों की कड़ी निंदा भी करती हूं. इस हिंसा को फैलाने के पीछे हमारी पार्टी का किसी प्रकार से कोई हाथ नहीं है”. इन सब शब्दों के साथ मायावती ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका पर विचार करने की नीति की तारीफ की. मायावती के अनुसार याचिका पर दोबारा से विचार करना बेहद जरूरी था. इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर यह याचिका पहले ही दायर कर ली गई होती तो आज भारत को बंद करने की जरूरत ही नहीं पड़ती.

मोदी पर कसा निशाना

अपने भड़काऊ बयान के चलते मायावती ने अपना निशाना केंद्र सरकार और मोदी सरकार को भी बनाया. उन्होंने कहा कि भारतीय सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति को गुलाम बनाने का फैसला कर रही है ऐसे में दलित समाज में यह आक्रोश देखने को मिलेगा ही. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय के चलते एससी एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाने को कहा था. मगध दलित संगठनों और नेताओं द्वारा किए गए विरोध ने भारत में हिंसा फैला दी. बीते सोमवार को पूरा भारत रोका गया जहां कई शहरों में रेलवे रोकी गई तो कहीं पर हिंसक झड़पें भी हुई. सूत्रों के अनुसार अब तक इस हिंसा में 5 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं.

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