
पीएम मोदी ने कर दिया वो काम जिसका इंतज़ार देशवासियों को 2014 से था, 5.5 करोड़ लोगों को मिलेगा…
नई दिल्ली – शनिवार को मोदी सरकार ने देशवासियों को एक बड़ी खुशख़बरी दी है। यह खुशखबरी ऐसी है जिसका इंतजार देश कि जनता को मोदी के पीएम बनने के बाद से यानि 2014 से था। दरअसल, छोटे उद्यमियों को आसानी से ऋण मुहैया करने वाली प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से 5.5 करोड़ देशवासियों को रोजगार मिला है। इसका खुलासा एक रिपोर्ट से हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के युवाओं को इससे सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। Narendra modi mudra yojana jobs report.
पीएम की मुद्रा योजना से बढ़ीं 5.5 करोड़ नौकरियां
छोटे उद्यमियों को ऋण मुहैया कराने वाली प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) से देश भर में करीब साढ़े पांच करोड़ नए रोजगार पैदा हुए हैं। इससे औद्योगिक राज्यों यानि कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के युवाओं को इससे सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। इस रिपोर्ट स्कॉच नाम की संस्था ने जारी किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक इससे कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे औद्योगिक राज्यों को सबसे अधिक फायदा हुआ है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस योजना को 8 अप्रैल 2015 को शुरू किया था। इस योजना का उद्देश्य छोटे उद्यमियों को ऋण मुहैया कराना है, जो पैसे की कमी की वजह से अपना बिजनेस शुरू नहीं कर पाते हैं।
क्या है प्रधानमंत्री मुद्रा योजना?
पीएम मोदी ने मुद्रा योजना को 8 अप्रैल 2015 की शुरु किया था। रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि इस योजना से अब तक 8 करोड़ से ज्यादा लोगों को 3.42 लाख करोड़ रुपए दिये गये हैं। इनमें ज्यादातर लघु उद्यमी हैं। आपको बता दें कि इस योजना के तहत 10 लाख रुपए तक के गैर-कृषि कार्यकलापों के लिए मुद्रा ऋण दिया जाता है। इन गैर-कृषि में डेयरी, पॉल्ट्री, मधुमक्खी पालन आदि जैसे कृषि से संबंधित क्षेत्र शामिल हैं।

The Union Minister for Finance, Corporate Affairs and Information & Broadcasting, Shri Arun Jaitley is also seen.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुद्रा योजना को लांच करते वक्त कहा था कि देश को ऐसे उद्योगपतियों की जरूरत है जो अन्य लोगों को रोजगार दे सकें। पीएम मोदी कि कही हुई बात अब सच साबित होती हुई दिख रही है। 5.5 करोड़ लोगों को एक साथ रोजगार देना पीएम मोदी की कई उपलब्धियों में से एक है। एक यही क्षेत्र था जिसपर मोदी सरकार को ज्यादा सफलता नहीं मिली थी। लेकिन इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह शिकायत भी खत्म हो गई।