मोदी सरकार ने दी खुली छूट, पाक-चीन से ‘युद्ध’ की तैयारी में भारतीय सेना!

जम्मू-कश्मीर – बार्डर पर पाकिस्तान और चीन ने बढ़ती टेंशन के बीच मोदी सरकार ने ‘सीमित युद्ध’ की तैयारियां शुरू कर दी है। मोदी सरकार ने पहली बार किसी भी परिस्थिती में किसी भी देश से 40 दिन तक की लड़ाई के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए महत्वपूर्ण हथियारों को खरीदने के लिए सेना को पूरी छूट दे दी गई है। सेना के उपसेना अध्यक्ष की इमरजेंसी हथियार खरीदने की क्षमता को 40 हजार करोड़ रुपए कर दिया गया है। Indian army preparation for war. इसका मतलब ये है कि अब सेना बिना रक्षा मंत्री और कैबिनेट मंजूरी के कभी भी 40 हजार करोड़  रुपए तक के हथियार खरीद सकती है।

सेना को हथियारों की खरीद का अधिकार :

चीन के साथ डोका ला में बढ़ते तनाव और जम्मू-कश्मीर में लगतार हो रहे आतंकी हमलों के मद्देनज़र मोदी सरकार ने सेना को जरूरी हथियारों की खरीद के असीमित अधिकार दिए हैं। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य कम समय में होने वाली जंग के लिए सेना की तैयारियों को बेहतर करना है।

खबरों के मुताबिक दो-तीन दिन पहले ही सरकार ने इसके लिए एक अधिसूचना जारी कि है। जिसमें उप सेना प्रमुख को किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए हथियारों, पुर्जों और गोला-बारूद की खरीद के लिए असीमित वित्तीय अधिकार दिए गए हैं। सेना उप प्रमुख अब जरूरत के हिसाब से कितने भी हथियार खरीद सकते हैं।

जंग की तैयार कर रही है सेना :

आपको बता दें कि फिलहाल सेना के पास करीब 46 तरह के हथियार हैं। इनमें से 10 तरह के हथियारों के कलपुर्जे हैं, जबकि 20 तरह के गोला-बारूद और माइंस हैं। सेना हर समय किसी भी हालात में 40 दिन लगातार जंग के लिए तैयार रहती है। ऐसे में सरकार के इस फैसले से युद्ध की तैयारियों में और मदद मिल सकेगी।

सरकार के इस कदम का उद्देश्य सेना की युद्ध की तैयारियों को और मजबुत करना है। सर्जिकल स्ट्राइक बाद से सेना ने अब तक करीब 12 हजार करोड़ का हथियार खरीदा है। गौरतलब है कि साल 2012 में सेना प्रमुख रहे जनरल वीके सिंह ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक चिट्ठी लिखकर 40 दिन के वॉर रिजर्व न होने पर चिंता जताई थी। जिस पर काफी विवाद भी हुआ था।