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काँग्रेस के प्रवक्ता मारने चले थे पीएम मोदी पर सबसे बड़ा तीर, करवा बैठे खुद की पार्टी की सबसे बड़ी बदनामी

दूसरों पर मारा हुआ तीर जब खुद पर आ लगे तो कितनी बदनामी होती है इस बारे में तो हम सभी को जानकारी है । बस कुछ यही हाल हुआ काँग्रेस का । कांग्रेस पार्टी ने Modi सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर 45000 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है। लेकिन, कांग्रेस का ये आरोप अब उसी पर भारी पड़ता दिख रहा है। कांग्रेस के इन आरोपों पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि कैग की रिपोर्ट की मुताबिक ये मामला साल 2006-09 के बीच का है। हम इस मामले में किसी को छोड़ेंगे नहीं।

कांग्रेस पार्टी के प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने गुरुवार को जिस उत्‍साह के साथ Modi सरकार पर 45000 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया था। वो उत्‍साह कहीं ठंडा और उल्‍टा ना पड़ जाए। रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि मोदी सरकार ने 45000 करोड़ रुपए के इस टेलीकॉम स्‍कैम को दबाए रखा। सुरजेवाला ने कहा कि सरकार छह टेलीकॉम कंपनियों से बकाया वसूलने और जुर्माना लगाने की बजाए उन्‍हें बचा रही हैं।

हा हा !! काँग्रेस के ये प्रवक्ता मार रहे थे पीएम मोदी पे बड़ा तीर, करवा बैठे खुद की पार्टी की सबसे बड़ी बदनामी

सुरजेवाला का कहना है कि पीएम मोदी हमेशा कहते हैं कि ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा। उनका ये वादा एक बार फिर गलत साबि‍त हुआ है। सुरजेवाला का आरोप है कि Modi अपने बिजनेसमैन दोस्‍तों को फायदा पहुंचा रहे हैं। घोटाले की ये रकम केंद्र की कई योजनाओं पर खर्च होने वाले रुपयों से भी ज्‍यादा है। सुरजेवाल ने कहा कि ट्रांसपरेंसी का दावा करने वाली Modi सरकार में ये घोटाला हुआ है।

रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक कैग ने जिन छह कंपनियों का ऑडिट किया है उसमें भारती एयरटेल, वोडाफोन, रिलायंस, टाटा, एयरसेल और आइडिया शामिल है। इन छह कंपनियों ने साल 2006-07 से 2009-10 तक अपनी इनकम 46 हजार 45 करोड़ रुपए कम बताई। कैग की रिपोर्ट के मु‍ताबिक सरकार को इन कंपनियों से 12 हजार 488 करोड़ रुपए लाइसेंस स्‍पेक्‍ट्रक चार्जेज वसूलने थे। जहां एक ओर सुरजेवाला का कहना है कि सरकार को इन कंपनियों से 45 हजार करोड़ रुपए वसूलने थे। लेकिन, 2016 में सरकार ने दोबारा इवैल्‍युवेशन कराने का फैसला किया। उधर, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि CAG की रिपोर्ट के मुताबिक मामला 2006-09 के बीच का है, हम किसी को भी नहीं छोड़ेंगे।

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