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10 वीं पास लड़के ने गार्ड की नौकरी करते-करते बना दिया ऐप, मेहनत लाई रंग, बन गया Tech Officer

ऐसा सच कहा जाता है कि यदि इंसान कोशिश करें तो हर मुश्किल को भी आसानी से पार कर सकता है। दुनिया भर में ऐसे बहुत से लोग होते हैं जो अपने जीवन में सफलता पाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं परंतु मेहनत से ही कुछ नहीं होता, सफलता पाने के लिए मजबूत हौसला और जज्बा होना बहुत ही जरूरी है। बुलंद हौसलों से ही इंसान अपने जीवन में कामयाब हो सकता है।

आप सभी लोगों ने सफलता की ऐसी बहुत सी कहानियां सुनी होंगी जिसको जानने के बाद आप बेहद प्रभावित भी हुए होंगे। इस प्रकार की कहानियां लाखों-करोड़ों लोगों को प्रेरित करती है। आज हम आपको कुछ ऐसी ही कहानी अब्दुल अलीम की बताने जा रहे हैं। आपको बता दें कि अब्दुल अलीम चेन्नई स्थित जोहो स्टार्टअप में बतौर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी किया करते थे। उन्होंने सिर्फ दसवीं तक की पढ़ाई की है।

अब्दुल अलीम की कहानी सभी लोगों के लिए एक मिसाल है। आपको बता दें कि फिलहाल अब्दुल अलीम जोहो कंपनी में एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर हैं परंतु इससे पहले वह इसी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी किया करते थे। अब्दुल अलीम ने बतौर सिक्योरिटी गार्ड काम करते हुए एक ऐसा ऐप बनाया जिसने उनकी कंपनी के लोगों को काफी प्रभावित किया।

आपको बता दें कि एक समय ऐसा था जब अब्दुल अलीम जोहो स्टार्टअप में बतौर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे और आज उसी कंपनी में एक टेक ऑफिसर हैं। अब्दुल अलीम ने 8 साल पहले टेक्निकल टीम को जॉइन किया था। अब्दुल ने अपनी कड़ी मेहनत से यह कामयाबी हासिल की है। भले ही आज अब्दुल टेक ऑफिसर हैं परंतु उनको पुराने दिन आज भी अच्छी तरह से याद हैं। सोशल मीडिया पर एक शेयर पोस्ट करते हुए अब्दुल ने अपने बीते दिनों को याद किया है।

अब्दुल अलीम ने यह लिखा है कि “साल 2013 में महज 1000 रूपए के साथ मैंने अपना घर छोड़ दिया 800 रूपए की ट्रेन की टिकट लेकर में शहर पहुंचा। यहां 2 महीने तक सड़कों पर घूमने के बाद मुझे एक सिक्योरिटी डेक्स पर नौकरी मिल गई। काम के दौरान 1 दिन कंपनी के वरिष्ठ कर्मचारियों में से एक ने मेरा नाम पूछा और कहा- अलीम मैं तुम्हारी आंखों में बहुत कुछ देख रहा हूं।” आगे उन्होंने उनसे उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा था और अलीम के कंप्यूटर ज्ञान के बारे में भी पूछा।

अब्दुल अलीम ने आगे यह लिखा है कि “जब मैंने उन्हें बताया कि स्कूल में मैंने थोड़ा बहुत HTML के बारे में पढ़ा था, तब उन्होंने कहा कि क्या तुम इसे और अधिक सीखना चाहोगे। मैंने हां कर दी और मेरी पढ़ाई शुरू हो गई।” अब्दुल ने आगे बताया कि “हर दिन अपनी 12 घंटे की ड्यूटी पूरी करने के बाद मैंने सीनियर को वक्त देना शुरू कर दिया। लगभग 8 महीने बाद में अंततः एक छोटा सा ऐप बनाने में सफल हुआ। यह एक ऐसा ऐप था जो यूजर इनपुट लेता है और उसी विजुअलाइज करता है। आगे मेरे सीनियर ने उसे कंपनी के मैनेजमेंट को दिखाया। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद मेरा इंटरव्यू हुआ और इसमें में सफल भी हुआ।

आपको बता दें कि अब्दुल अलीम ने जोहो में पूरे 8 साल पूरे कर लिए हैं। वह अपनी इस कामयाबी से बेहद खुश हैं। अब्दुल 8 साल पहले उनके हुनर को पहचानने वाले जोहो के उस सीनियर का शुक्रिया अदा करते हैं। अब्दुल की यह कहानी सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है।

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