
नीलम राजा को रंक बना दे और रंक को राजा, पहनने से पहले जान लें ये 8 बातें
भगवान शनि के रत्ना नीलम का हिन्दू ज्योतिषशास्त्र में बहुत बड़ा महत्व है। यह कहा जाता है की नीलम जब किसी भी व्यक्ति को सकारात्मक परिणाम देता है तो कुछ ही दिनों में वो उस व्यक्ति को राजा बना देता है और अगर बुरा प्रभाव देने पर आए तो राजा को भी रंक बन ते वक्त नहीं लगता। इसलिए बहुत ही जांच परख करने के बाद ही नीलम रत्न कर धारण किया जाता है। आइये जानें कि नीलम रत्न धारण करते हुए क्या 8 बातें लोगों के साथ होती है।
इस रत्न का प्रभाव बहुत ही शीग्रता से दिखता है। अगर यह रत्न आपके लिए अनुकूल नही हैं यानी आपको सकारात्मक फल देने वाला नहीं है तो आपको आंखों में तकलीफ महसूस होने लगती है।
नीलम के प्रतिकूल होने पर दुर्घटना में चोट लग सकती है और शारीरिक कष्ट हो सकता है।
नीलम व्यक्ति के शुभ नहीं होने पर धारण करने वाले को तुरंत आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है।
नीलम अगर अनुकूल नहीं है तो बुरे और डरावने सपने आएंगे।
नीलम जिनके लिए अनुकूल और शुभ होता है उन्हें धारण करते ही शुभ फल देने लगता है। सबसे पहले तो स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी चल रही है तो उसमें राहत महसूस होने लगती है।
नीलम शुभ होने पर धारण करने वाले को आर्थिक लाभ मिलता है। नौकरी और व्यवसाय में उन्नति का संकेत भी नीलम तुरंत देता है।
नीलम धारण करने के बाद आपके साथ कुछ अशुभ घटना नहीं हो तब भी यह समझना चाहिए कि आपके लिए यह रत्न शुभ है।