
इजरायल की सीक्रेट एजेंट महिलाएं खूबसूरती में हैं सब से आगे, ऐसे दुश्मनों को कर लेती हैं काबू
इजरायल की खुफिया एजेंसी जिसका नाम मोसाद है, दुनिया की सबसे खूंखार एजेंसी मानी जाती है. ऐसा कहा जाता है कि मोसाद के सीक्रेट एजेंट्स किसी भी इंसान को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ सकते हैं. मोसाद में करीब 1200 लोग काम करते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि मोसाद में 40 परसेंट महिलाएं काम करती हैं. स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार इस एजेंसी में 24 परसेंट महिलाएं उच्च पदों पर आसीन हैं. इस वर्ष पहली बार मोसाद एजेंसी ने जासूसों के लिए ऐड दिया था.
मोसाद में काम करने वाली महिलाएं सबसे खूंखार और खतरनाक मानी जाती हैं. यह महिलाएं इसराइल के दुश्मनों को बहुत ही खतरनाक मौत देती हैं, या इन्हें पकड़कर अपने देश ले आती हैं. मोसाद एजेंसी ने सबसे पहले 1986 में महिला जासूस को तैनात किया था. इस महिला जासूस ने पूर्व परमाणु वैज्ञानिक को इसराइल वापस लाने के लिए अपनी खूबसूरती का जाल बिछाया था. मोसाद एजेंसी के मुख्य कर्मचारी ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि उनकी आधे से ज्यादा एजेंट्स महिलाएं हैं.
मोसाद की जासूस महिलाओं के अनुसार वह अपने महिला होने का इस्तेमाल करके किसी को भी अपने उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करती हैं. यह जासूस महिलाएं दुश्मनों को अपने प्यार के जाल में फंसा कर अपना काम निकलवाती हैं, पर ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह जासूस महिलाएं अपने दुश्मनों के साथ कोई भी शारीरिक संबंध नहीं बनाती हैं.
मोसाद जासूसी एजेंसी फोर्स फ्लैग ऑपरेशन के लिए भी मशहूर है. मोसाद एजेंसी को इजराइल की किलिंग मशीन माना जाता है. लगभग 41 साल पहले 27 जून 1976 को एयर फ्रांस की एक फ्लाइट को हाईजैक किया गया था. फ्लाइट को हाईजैक करके युगांडा के एयरपोर्ट पर ले जाया गया. फ्लाइट में इजरायल के बहुत सारे स्थानीय लोगों के साथ साथ इसराइली प्रधानमंत्री के कई रिश्तेदार भी मौजूद थे. तब मोसाद के खुफिया एजेंटों ने फ्लाइट में सवार लोगों की जान बचा ली थी. 2012 में इजरायल की खूबसूरत जासूस महिलाओं ने हिब्रू भाषा के अखबार लेडी ग्लोब्स को पहली बार इंटरव्यू दिया था. इस इंटरव्यू में इन जासूस महिलाओं ने अपने काम खतरों और रोमांच के बारे में लोगों को बताया था. इन जासूस महिलाओं को जूडो कराटे के साथ साथ कई खतरनाक हथियार चलाना भी आता है. अगर यह अपने दुश्मन को पकड़ नहीं पाती है तो उन्हें मौत के घाट उतार देती हैं.
खुद का नाम याएल बताने वाली एक जासूस का कहना था कि जासूसी की दुनिया में महिलाओं को एक विशेष फायदा मिलता है। वह यह कि पुरुषों की तुलना में उन पर जल्दी भरोसा कर लिया जाता है।याएल के अनुसार, किसी प्रतिबंधित क्षेत्र में पुरुष को घुसने की इजाजत न मिले, लेकिन कोई महिला अपनी मुस्कान का इस्तेमाल करके आसानी से वहां प्रवेश कर सकती है।
एफ्रात नामक स्पाई का कहना था कि हम अपनी फेमिनिटी का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि जासूसी में हर साधन वैध होता है। एफ्रात का कहना था कि इसके बावजूद हम लिमिट में रहते हैं। महिला जासूस दुश्मन को फांसने के लिए फ्लर्ट करती हैं, रोमांस करती हैं, लेकिन वे बात सेक्स तक नहीं पहुंचने देतीं। सीक्रेट एजेंसी में सेक्स के इस्तेमाल की मनाही है।उस समय मोसाद के चीफ रहे तमिर पार्डो ने मैग्जीन को बताया कि एजेंसी में करीब आधे जासूस महिलाएं हैं।
पार्डो का कहना था कि महिलाएं कई मामलों में पुरुषों से बेहतर होती हैं। इनमें टेरिटरी को समझना, माहौल को भांपना और शक करते हुए अलर्ट रहना शामिल हैं। मोसाद ने महिला जासूस की सबसे महत्वपूर्ण तैनाती 1986 में की थी. इसकी शुरुआत एक पूर्व परमाणु वैज्ञानिक को इजरायल वापस लाने के लिए इस एजेंट ने उसे अपने हुस्न के जाल में फंसाया था. मोसाद के प्रमुख तामिर पार्डो ने पत्रिका को बताया कि उनकी आधी जासूस महिलाएं हैं.
एक जासूस ने बताया कि मोसाद ने महिला जासूस की सबसे महत्वपूर्ण तैनाती 1986 में की थी. इसकी शुरुआत एक पूर्व परमाणु वैज्ञानिक को इजरायल वापस लाने के लिए इस एजेंट ने उसे अपने हुस्न के जाल में फंसाया था.
बता दें कि मोसाद को जिस सबसे बड़ी खूबी के कारण जाना जाता है वो हैं ‘फाल्स फ्लैग ऑपरेशन’(कोवर्ट ऑपरेशन्स). इस काम में मोसाद को महारत हासिल है.मोसाद को इजराइल की किलिंग मशीन कहा जाता है.