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कन्या पूजन के समय इन बातों का रखें ध्यान, मां दुर्गा होंगी प्रसन्न, मिलेगा उनका आशीर्वाद
नवरात्रि का पवित्र त्यौहार आरंभ हो चुका है माता दुर्गा को नवरात्रि के यह दिन बहुत ही प्रिय है नवरात्रि के 9 दिनों में माता दुर्गा के नौ रूपों की अलग-अलग पूजा की जाती है बहुत से लोग ऐसे हैं जो नवरात्रि के व्रत रखते हैं और अपनी सच्ची श्रद्धा से माता की पूजा आराधना करते हैं नवरात्रि के दिनों में लोगों के मन में माता के प्रति अटूट विश्वास देखने को मिलता है, नवरात्र में कन्या पूजन को विशेष महत्व दिया गया है दुर्गा अष्टमी और नवमी के दिन इन कन्याओं को नौ देवी का रूप मानकर इनकी पूजा की जाती है कन्याओं को अपने घर बुलाकर उनका आदर सत्कार किया जाता है ऐसा माना जाता है कि अगर कन्याओं को भोजन कराया जाए तो इससे माता दुर्गा अति प्रसन्न होती हैं और उनका आशीर्वाद हमको प्राप्त होता है जिससे हमारे जीवन में चल रही सभी समस्याएं दूर होती हैं और हम अपने घर परिवार के साथ हंसी-खुशी जीवन व्यतीत करते हैं परंतु बहुत से लोग ऐसे हैं जो कन्या पूजन में कोई ना कोई गलती कर देते हैं वह लोग कन्या पूजन की सही विधि नहीं जानते हैं यदि आपको भी कन्या पूजन की विधि की ठीक जानकारी नहीं है तो इस पूजा सत्कार का कोई फल प्राप्त नहीं हो पाएगा।
कन्या पूजन के दौरान आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना होगा यदि आप इन बातों का ध्यान रखते हैं तो इससे माता दुर्गा की कृपा आपके ऊपर हमेशा बनी रहेंगी और आपकी दुख तकलीफों से छुटकारा मिलेगा आज हम आपको इस लेख के माध्यम से कन्या पूजन के दौरान किन खास बातों का विशेष ध्यान रखना है इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं।
आइए जानते हैं कन्या पूजन के दौरान किन बातों का रखें ध्यान
- नवरात्रि में सप्तमी अष्टमी और नवमी में किसी भी दिन कन्याओं को भोजन कराया जा सकता है।
- अगर आप कन्या पूजन कर रहे हैं तो कन्याओं की उम्र 2 साल से लेकर 7 साल के बीच ही होनी चाहिए।
- कन्या पूजन के दौरान कन्याओं के साथ एक बालक को भी भोज के लिए आमंत्रित किया जाता है जिसको महाबली हनुमान जी का स्वरूप माना गया है, ऐसा माना जाता है कि अगर कन्याओं के साथ एक बालक को भोजन नहीं कराया गया तो यह धार्मिक कार्य संपूर्ण नहीं हो पाता है।
- अगर आप 7 वर्ष से अधिक आयु की कन्याओं को भोजन कराते हैं तो इससे आपको कोई भी दैवीय लाभ प्राप्त नहीं हो पाता है।
- आप कन्या पूजन के दौरान कन्याओं को साफ स्थान पर बैठा कर दूध और पानी से उनके पैर धोने के पश्चात उनके पैर छूकर उनका आशीर्वाद ग्रहण कीजिए।
- कन्या पूजन में कन्याओं के माथे पर फूल अक्षत और कुमकुम लगाएं।
- कन्या पूजन के दौरान जब आप कन्याओं को भोजन करा रहे हैं तो खीर पूड़़ी जरूर खिलाएं आप चाहे तो नमकीन में आलू अथवा कद्दू की सब्जी भी खिला सकते हैं।
- कन्याओं को भोजन कराने के पश्चात दान में रुमाल लाल चुनरी फल खिलौने आदि देकर उनके चरण स्पर्श कीजिए इसके पश्चात सम्मान पूर्वक उनको घर से विदा कीजिए यदि आप ऐसा करते हैं तो इससे दुर्गा माता की कृपा बनी रहती है और आपकी सभी इच्छाएं पूरी होंगी।