इंसानियत हुई शर्मसार, प्रोफेसर ने कपड़े उतरवा कर छात्राओं के पीरियड्स किए चेक!

कपड़े उतरवा कर छात्राओं के पीरियड्स चेक: लड़कियों को भगवान ने भले ही माँ बनने का सौभाग्य दिया है लेकिन इसके बावजूद भी औरतों और लड़कियों को किसी ना किसी बात के चलते शर्मसार किया जाता है. हाल ही में मध्यप्रदेश के सागर से ऐसा ही मामला हमारे सामने आया है. जहाँ, डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के रानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स हॉस्टल में फर्श पर खून के धब्बे एवं सेनेटरी नैपकिन मिलने से खलबली मच गई. गौरतलब है कि हर लड़की को मासिक धर्म के दर्द से गुजरना पड़ता है. ये लड़कियों को भगवान की ओर से एक वरदान है जिसके चलते  ही वह माँ बन सकती है.

लेकिन हॉस्टल के बाथरूम में खून के धब्बे मिलने से वार्डन इतनी क्रोधित हो गई कि उसने हर छात्रा के जबरन कपड़े उतरवा कर उनके पीरियड्स की जांच की. जिसके बाद सोमवार को छात्र संगठनों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने डीन के पास जाकर जमकर नारेबाजी की.

लड़कियों ने बताया अपना दर्द

इस घटना के बाद हॉस्टल की एक लड़की ने बताया उस दिन उसके जैसी और 20 लड़कियां ठीक से सो नहीं पाई, जिस दिन से सेनेटरी नैपकिन और खून के धब्बे पाए जाने पर उनके कपड़े उतरवाए गए थे. इतना ही नहीं बल्कि लड़की ने बताया कि वह अब क्लास में जाने से भी डर रही हैं. उन सब को एक ही डर सता रहा है कि कहीं बाहर निकलते ही उनके साथ पढ़ने वाले लड़के  उनका मज़ाक ना उड़ाने लग जाए. छात्रा ने बताया कि सोमवार की सुबह वार्डन को प्रो: चंदा बेन  हॉस्टल आई और सभी छात्रों को खरी-खोटी सुनाते हुए उन्होंने धमकी दी कि अगर हमने किसी को बताया तो वह खुदकुशी करके हमें फंसा देंगी.

छात्र लड़कों ने दिया साथ

लड़कियों के अनुसार उन्हें यह डर था कि उनकी क्लास के लड़के उनके साथ हुए इस हादसे के बाद उनका मजाक उड़ाएंगे. परंतु जब वह कुलपति के पास पहुंची तो जो लड़के उन्हें कल तक छेड़ते थे वहीं उनके लिए नारे लगा रहे थे और उनका साथ दे रहे थे. छात्राओं के साथ हुई इस अभद्रता को अब पॉलिटिकल रंग दिया जा रहा है. लड़कियों ने बताया कि इससे पहले भी उनकी एक सहेली सतरूपा पटेल हॉस्टल का गंदा पानी पी कर मौत की नींद सो गई थी तब उन्होंने किसी प्रकार की नारेबाजी नहीं की और ना ही हॉस्टल के खिलाफ आवाज उठाई. जिसके बाद आज तक कमेटी की जांच रिपोर्ट नहीं आई और थक-हारकर पुलिस ने मामले की फाइल ही बंद कर दी.

वार्डन को सस्पेंड करने की मांग

हॉस्टल के बच्चों ने करीब 2 घंटे तक गेट पर प्रदर्शन जारी रखा. जिसके बाद उनका साथ देने एनएसयूआई सहित विभिन्न छात्र संगठन  ने विरोध प्रदर्शन करते हुए वार्डन को सस्पेंड करने की मांग की. इसके साथ ही छात्रों ने वार्डन के खिलाफ FIR दर्ज करवाने जैसी मांगे रखी. कुलपति से मिलने के बाद छात्रों ने वार्डन द्वारा दी गई धमकियों के बारे में बताया जिस पर कुलपति ने वार्डन प्रोफेसर चंदा बेन को हॉस्टल ना भेजने का निर्णय लिया.

इस घटना के बाद विरोध कर्ताओं ने हाथ में सेनेटरी नैपकिन देकर विवि के डीन ऑफिस में पकड़ा दिए और मामले की कार्रवाई करने की मांग की. सूत्रों की माने तो प्रोफेसर चंदा बेन की तबीयत अचानक खराब हो गई और वह 3 दिन के लिए छुट्टी पर गई हुई है. अब इस तबियत बिगड़ने का कारण नारेबाजी है या कुछ और ये तो जल्द ही पता चल जाएगा.