पुरुष भूलकर भी न करें इन 5 चीजों का सेवन, मर्दानगी के लिए है खतरा

आपके खानपान का आपकी सेहत पर सीधा असर पड़ता है.. यहां तक की इससे आपकी प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है। खासतौर पर पुरुषों पर उनके खानपान का सीधा असर देखने को मिलता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अनियमित खानपान से ना सिर्फ सेक्स लाइफ को नुकसान पहुंचता है बल्कि ये पिता बनने के क्षमता भी कम करती है। आज हम आपको ऐसे ही 5 खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं जो कि पुरुषों में बांझपन के लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं.

चाय-काफी का अधिक सेवन

आम तौर पर घर-बाहर दोनो जगह ही पुरुष चाय-कॉफी का शौक अधिक फरमाते हैं .. पर वास्तव में चाय-कॉफी का अत्यधिक सेवन सेक्शुअल हेल्थ पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। स्वास्थ्य शोध की माने तो दिन में 2 कप से अधिक चाय-कॉफी के सेवन से पुरुषों के प्रजनन सेल्स पर नकारात्मक असर होता है। ऐसे में पुरूषों के लिए बेहतर है कि दो कप से अधिक चाय या काफी का सेवन ना करें।

जंक फूड

आज के समय घर से बाहर रहने वाले पुरूष ज्यादातर जंक फूड पर निर्भर रहते हैं .. पर ऐसे जंक फूड के शौकीन मर्द जान लें कि जिन चीजों में फैट और शुगर का मात्रा बहुत अधिक होती है वो पाचन तंत्र, दिल के साथ प्रजनन सेल्स के लिए ठीक नहीं होता है। ऐसे में जंक फूड खाना खाने से आपके शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ता है।

शुगर ड्रिंक्स

जो मर्द शुगर ड्रिंक्स.. सोडा, एनर्जी ड्रिंक्स और कार्बोहाइड्रेट ड्रिंक्स का शौक रखते हैं उनके लिए एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि दिन में एक से ज्यादा शुगर और कार्बोहाइड्रेट ड्रिंक्स पीने से शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता सीधे तौर पर प्रभावित होती है। दरअसल ऐसे पेय शरीर में शुगर इंसुलिन रजिस्टेंट को बढ़ाकर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा करते हैं, जिससे स्पर्म कम होते हैं।

फैटी डेयरी प्रोडक्ट

दूध-दही आमतौर पर सेहत के लिए फायदेमंद होता है पर वहीं स्वास्थ्य शोध की माने तो डेयरी पदार्थ प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक असर डालते हैं। दरअसल डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध और चीज स्पर्म की फुर्ती को नुकसान पहुंचाते हैं.. ऐसे में अत्यधिक फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट का सेवन करने से नौजवान पुरुषों में  प्रजनन सम्बंधी समस्याएं होती हैं।

प्रोसेस्ड मीट

आजकल हैमबर्गर, हॉट डॉग और सलामी में प्रोसेस्ड मीट का इस्तेमाल होता है और इस तरह के प्रोसेस्ड मीट के सेवन से पुरूषो के स्पर्म की क्वालिटी पर विपरीत असर पड़ता है। इससे स्पर्म काउंट की संख्या  23 फीसदी तक होती है। दरअसल प्रोसेस्ड मीट में हार्मोनल अवशेष होते हैं जो कि प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं।