अपने बेटे का कंकाल निकालकर पुजारी मंदिर में 6 घंटे तक करता रहा तंत्र-मंत्र, और फिर…

बेटे का कंकाल निकालकर पूजा: भारत एक धार्मिक देश है और यहाँ धर्म के चक्कर में कई बार लोग अन्धविश्वास को भी सही मानने लगते हैं। ऐसा नहीं है कि अन्धविश्वास की गिरफ्त में केवल कम पढ़े-लिखे लोग ही हैं। कई बार समाज के बहुत प्रतिष्ठित और पढ़े-लिखे लोगों को भी अन्धविश्वास के चक्कर में फंसते हुए देखा गया है। हाल ही में राजस्थान के धौलपुर से कुछ दूर अंधविश्वास की इतेन्हा देखने को मिली। दरअसल बहवलपुर गाँव के एक व्यक्ति अपने मृत बेटे को जिन्दा करने की जिद में लगातार कई घंटों तक तंत्र-मंत्र करता रहा।

9 महीने पहले किसी बीमारी से हो गयी थी बेटे की मौत:

बाद में पुलिस ने कब्र से निकाले गए अवशेषों को वापस कब्र में डाला। पुलिस ने पुजारी रामदयाल को गिरफ्त में लेकर कार्यवाई भी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार धौलपुर के रहने वाले रामदयाल कुशवाह के बेटे की 9 महीने पहले किसी बिमारी की वजह से मौत हो गयी थी। अपने मरे हुए बेटे को जिन्दा करने की जिद में रामदयाल ने बेटे की कब्र से उसके अवशेषों को निकाला और मंदिर में लगभग 6 घंटे तक तंत्र-मंत्र करता रहा। आपको बता दें रामदयाल तीन बेटियों का बाप है और उसकी पत्नी अभी गर्भवती है।

काले कपडे में बेटे के अवशेषों को बांधकर ले गया भैरो मंदिर:

जानकारी के अनुसार रामदयाल के 11 महीने के बेटे की मौत हो गयी थी, जिसके बाद उसे दफना दिया था। सोमवार की सुबह गाँव और उसके आस-पास के लोग मंदिर के पास इकठ्ठा हो गए। लोग कह रहे थे कि आज रामदयाल अपने मरे हुए बेटे को जिन्दा करने का चमत्कार करेगा। सुबह लगभग 10:30 बजे वह अपने खेत में गया, जहाँ उसने अपने बेटे को दफनाया था। उसने उसके अवशेषों को खोदकर निकाला और एक काले कपड़े में बांधकर भैरो जी के मंदिर में ले गया। उसके बाद वह अवशेषों को सामने रखकर पूजा करने लगा।

अगर पूजा में नहीं आया कोई तो गाँव में फ़ैल जाएगी बीमारी:

रामदयाल का दावा था कि वह अपने मरे हुए बेटे को सात दिनों के अन्दर ही जिन्दा कर देगा और उसका नया शरीर बन जायेगा। आपको बता दें पुजारी रामदयाल रविवार की शाम को आस-पास के 4-5 गांवों में चमत्कार दिखाने के न्यौता भी दे आया था। उसने कहा कि भैरो बाबा ने उसे और उसकी बेटी के सपने में आकर कहा था कि उसका मरा हुआ बेटा जिन्दा हो जायेगा। इसके लिए वह 26 मार्च की सुबह से ही पूजा-पाठ शुरू करेगा। ।उसने यह भी कहा था कि इसके लिए गाँव के हर घर से एक व्यक्ति को आना जरुरी है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो पुरे गाँव में गंभीर बिमारी फ़ैल जाएगी।

वीडियो बनाने और फोटो लेने पर देवता हो जायेंगे नाराज:

जब उसने गाँव वालों को अपने सपने के बारे में बताया तो गाँव वालों ने आने से इनकार भी कर दिया था। गाँव वालों ने कहा था कि ऐसा कभी नहीं हो सकता है कि कोई मारा हुआ व्यक्ति फिर से जिन्दा हो जाये। लेकिन रामदयाल ने किसी की न सुनी। पूजा के दौरान गाँव के लोगों ने वीडियो और फोटो लेने की कोशिश की, लेकिन रामदयाल ने यह कहकर गाँव वालों को डरा दिया कि ऐसा करने से देवता नाराज हो जायेंगे। भारत में इस तरह की अन्धविश्वास की घटनाएँ समय-समय पर देखने को मिलती रहती हैं।