गिरिराज का राबड़ी पर पलटवार, ’24 को आ रहा हूं जिसे रोकना है रोक के दिखाएं’

बिहार की राजनीति में एक इन दिनों बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। जी हां, उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद आरजेडी के तेवर बदले बदले से नजर आ रहे हैं। बिहार की पूर्व सीएम और लालू यादव की वाइफ राबड़ी देवी ने बीजेपी पर माहौल खराब होने का आरोप लगाया दिया, जिसके बाद अब गिरिराज सिंह ने राबड़ी देवी पर पलटवार करते हुए बड़ा हमला बोला है। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस रिपोर्ट में क्या खास है?

उपचुनाव में बीजेपी के हार के बाद आरजेडी पार्टी एक के बाद बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाती हुई नजर आ रही है। आरजेडी नेता राबड़ी देवी ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि बिहार की जनता ऐसे लोगोंं को कभी माफ नहीं करेगी, जो समाज को बांटने और नफरत फैलाने की कोशिश करते हुए नजर आते हैं। इस दौरान पूर्व सीएम राबड़ी ने ललकारते हुए कहा कि गिरिराज जैसे केंद्रीय मंत्रियोंं का एंट्री नहीं होगी।

राबड़ी ने आगे कहा कि आरजेडी कार्यकर्ता ऐसे मंत्रियों को बिहार में आने नहीं देंगे, जो बिहार को बांटने की कोशिश करते हैं। गौरतलब है कि लालू के जेल जाने के बाद से ही आरजेडी ने जदयू और एनडीए के खिलाफ के जमकर मोर्चा खोल दिया है। आरजेडी लगातार आरोप लगाती रही है कि लालू को एनडीए ने फसाया है, ऐसे में बिहार की जनता बीजेपी को कभी माफ नहीं करेगी, जिसकी वजह से राबड़ी लगातार बीजेपी और नीतीश पर हमला बोलती हुई नजर आती है। राबड़ी ही नहीं, बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी बीजेपी और जेडीयू पर आरोप लगाते हुए नजर आते हैं।

गिरिराज का राबड़ी पर पलटवार

राबड़ी के इसी बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज ने ट्वीट करते हुए कहा कि मैं 24 को बिहार आ रहा हूं, देखता हूं कौन रोकता है मुझे। इस दौरान इशारों ही इशारों में राबड़ी पर हमला बोलते हुए गिरीराज ने कहा कि जिसे रोकना है, रोक लें, मैं तो बिहार आकर ही रहूंगा। आपको बता दें कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने विधान परिषद में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और अश्विनी चौबे से इस्तीफे की मांग की है।

इतना ही नहीं, विपक्ष भी लगातार बीजेपी पर दबाव बनाती रहती है कि वो गिरिराज औऱ अश्विनी चौबे से इस्तीफा मांगे, लेकिन बीजेपी इस मसले को लगातार नजरअंदाज करती हुई आई है। गौरतलब है  कि ये दोनों ही मंत्री अपने बड़बोले छवि की वजह से जाने जाते हैं, जिसकी वजह से इनसे इस्तीफें की मांग की जाती है।