इन 5 लोगों के दम पर विरोधियों पर भारी पड़ते हैं मोदी, पीएम के सामने खोल देते हैं सबकी पोल-पट्टी

नई दिल्ली – आज पीएम मोदी का आलोचक भी एक बात अच्छी तरह से समझता है कि देश हो या विदेश उनके जैसा वक्ता कोई नहीं है। देश हो या विदेश कोई भी मंच हो मोदी जब बोलते हैं तो छा जाते हैं। अपने भाषण में वो ऐसे ऐसे इतिहास और बातों का जिक्र करते हैं जो शायद ही किसी को मालूम हो। बात चाहे चाय, पकौड़ा, विकास, स्कैम या फिर जीएसटी को हो प्रधानमंत्री ने इनकी एक अलग ही परिभाषा लोगों के सामने रखी। पीएम मोदी की हर बात इतनी सटीक होती है कि सामने वाला धराशायी ही हो जाता है।

इसका ताजा उदाहरण हम लोकसभा में रेणुका चौधरी पर किये गए कमेंट में भी देख सकते हैं जब पीएम मोदी ने ज्यादा कुछ कहे सिर्फ चंद शब्दों के जरिए बेहद विवादास्पद ढंग से हंस रही कांग्रेस नेता को खामोश करा दिया था। पीएम के शब्दों की परिभाषा ही कुछ अलल होती है। जैसे TOP का अर्थ टमाटर ऑनियन और पोटैटो। SCAM का अर्थ सपा, कांग्रेस, अखिलेश यादव और मायावती और VIKAS का अर्थ विद्युत, कानून और सड़क। ये वो कमेंट हैं जो पीएम मोदी को एक कुशल वक्ता बनाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि पीएम मोदी को शब्दों के ऐसे धारदार हथियार कौन देता है? आइये आपको बताते हैं।

जगदीश ठक्कर – पीआरओ

क्या आपने जगदीश ठक्कर के बारे में सुना है? शायद नहीं। वो प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा किसी अन्य नेता के जनसंपर्क अधिकारी यानि पीआरओ नहीं रहे हैं। ठक्कर पीएम मोदी के साथ तब से हैं जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे। वो गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के पीआरओ भी रह चुके हैं। ठक्कर गुजरात सूचना विभाग में किसी छोटे पद पर काम करते थे और लेकिन, प्रधानमंत्री ने उन्हें अपना पीआरओ बना लिया।

यश गांधी और नीरव के. शाह

गुजरात के रहने वाले यश गांधी और नीरव के. शाह पीएम मोदी की टीम के प्रमुख रिसर्चर हैं। इन दोनों का कार्य इतिहास से ऐसी ऐसी जानकारी निकालना है जो पीएम मोदी के भाषण को उम्दा बना सके। इनकी रिसर्च से पीएम मोदी के भाषण और प्रभावी बन जाते हैं। ये दोनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विटर और फेसबुक पेज की जिम्मेदारी संभालते हैं।

हिरेन जोशी – आईटी

44 वर्षिय जोशी पीएम मोदी के ब्लॉग, वेबसाइट्स ट्विटर और एफबी अकाउंट को मैनेज करते हैं। हिरेन जोशी पीएम मोदी की टीम में शामिल होने से पहले मीडिया में थे। टीम के कोर सदस्य हिरेन का कार्या पीएम मोदी को ऐसी बातों की जानकारी देना है जो देश की जनता से सीधे तौर पर जुड़े हो।

प्रतीक दोषी – रिसर्च एंड स्ट्रैटजी

पीएम मोदी हर मुद्दे को बड़ी ही कुशलता से देश के सामने रखते हैं। लेकिन. इसके पीछे असल दिमाग प्रतीक दोषी का होता है जो रिसर्च या शोध का कार्य करते हैं। प्रतीक साल 2007 से टीम मोदी से जुड़े हुए हैं। प्रतीक दोषी ने नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से अपनी पढ़ाई पूरी की है और वो पीएम मोदी के भाषणों के लिए रिसर्च करते हैं।

इसलिए पीएम मोदी की किसी बात को हल्के में लेने की गलती न करें। वो कोई भी बात बिना गहरे मतलब की नहीं कहते। भले ही उन्होंने पकौड़े वाला कमेंट किया हो। उसमें भी जरुर कुछ न कुछ छुपा होगा।